1 Part
326 times read
23 Liked
हाथों की लकीरों का पता नही मुझे माथे का तकदीर बनना है जो मिटे नही मिटने पर मुझे वो अमिट पहचान बनाना है मुझे सूरज की तपिश के साथ खूबसूरत चांदनी ...